रविवार, 5 जनवरी 2020

THYROID KE BAARE ME JAANE JAISE KI LAKSHAN,KARAN AUR UPCHAAR हिंदी मे(IN HINDI)



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थायराइड के कारण, लक्षण, इलाज (THYROID CAUSES,SYMPTOMS, AND TREATMENT )



थायराइड के बारे मे(ABOUT THYROID)

विश्वभर में थायराइड तेजी से अपने पांव पसार रहा है। अकेले भारत में लगभग पांच करोड़ से ज्यादा लोग थायराइड के शिकार हैं , जो बहुत घातक है । आज हम आपको थायराइड के बारे सारी जानकारी देनेवाले है जैसे की थायराइड क्या होता है, कैसे होता है, थायराइड ग्रंथि के बारे मे जैसे की कहाँ होती है और सबसे महत्वपुर्ण यह बीमारी कितने प्रकार की होती है। यह पुरी तरह से ठिक नही हो सकता और जिसे यह होता है उसे खाने-पीने पर बहुत ध्यान देना चाहिए अथवा हमेशा डॉक्टर्स से मिलते रहे और उनकी सलाह पर ही चले और उपचार कराते रहे ताकी यह खतरनाक स्तर पर नही पहुंचे। तो चलिए जानते है थायराइड के बारे मे विस्तार से :-

थायराइड क्या है?(WHAT IS THYROID)

थायराइड हमारे गले में आगे की तरफ पाए जाने वाली एक ग्रंथि होती है और यह दिखने मे तितली के आकार के जैसी होती है अथवा यह ग्रंथि शरीर की कई जरूरी कार्यो को नियंत्रित करती है जैसे की भोजन को ऊर्जा में बदलना और साथ ही यह ग्रंथि ट्राईआयोडोथायरोनिन और थायरॉक्सिन हार्मोंन का निर्माण करती है और जब यह हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं, तो वजन कम या ज्यादा होने लगता है, इसे ही थायराइड की समस्या कहते हैं और यह हड्डियों, कोलेस्ट्रोल मांसपेशियों व को भी नियंत्रित करती हैं और यह हार्मोंस का प्रभाव हमारी सांस, ह्रदय गति, पाचन तंत्र और शरीर के तापमान पर पड़ता है इसके अलावा पिट्यूरी ग्रंथि यह मस्तिष्क मे होती है और इसमे से थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) नामक हार्मोन निकलता है जो ट्राईआयोडोथायरोनिन और थायरॉक्सिन के प्रवाह को संतुलित रखती है जो की शरीर के लिए बहुत आवश्यक है।

थायराइड के लक्षण कैसे पाए जाते है(SYMPTOMS OF THYROID)

पसीना कम आना
थकावट होना
वजन बढना
रक्तचाप का प्रवाह उच्च होना
याददाश्त का कमजोर होना
मांसपेशियो मे दर्द होना
चेहरे पर सुजन आना
तनाव आना
प्रजनन क्षमता का असंतुलित होना
जोडो-जोडो मे सुजन अथवा दर्द का महसुस होना
महिलाओ मे मासिकधर्म का असामान्य होना
त्वचा मे रुखापन आना


इसके अलावा थायराइड किन कारणो से हो सकता है उसके बारे मे भी हम आपको बतानेवाले है और यह भी बतानेवाले है की इसके कितने प्रकार है और उनका क्या इलाज है यह भी बताएंगे।

थायराइड के कारण अर्थात यह ज्यादातर किन कारणो से होता है(WHAT CAUSES THYROID)

महिलाओ मे यह लक्षण और कारण ज्यादातर दिखाई देते है और यदि यह लक्षण आपको भी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से मिले और सलाह ले क्योंकी बाद मे इसका खतरा बाद मे बढ जाता है और अब इसके कारणो को जान लेते है।

अगर आपको पहले कभी थाइराइड हुआ हो तो भी यह आपको दोबारा हो सकता है ।
यदि 30 साल से ज्यादा उम्र होने पर भी इसके होने के आसार होते है।
आपका बढ़ता वजन या मोटापा इसका कारण हो सकता है या बन सकता है।
गर्भपात, समय से पहले पूर्व जन्म या बांझपन के कारण भी हो सकता है।
ऑटोइम्यून थायराइड रोग या थायरायड रोग आपके परिवार मे किसी को हो तो भी हो सकता है।
टाइप 2 डायबिटीज के कारण भी होता है।

थायराइड के कितने प्रकार है(TYPES OF THYROID)

थायराइड के छह प्रकार है।

थायराइड कैंसर (THYROID CANCERS)- ऐसी स्थिति जहाँ थायराइड अपनी उच्चतम स्तर पर हो यहाँ मरिज को इसके लिए सर्जरी करवानी पडती है।
हाइपोथायरॉइडज्म (HYPOTHYROIDISM)– यह तब होता है जब थायराइड ग्रंथि हर्मोंस कम मात्रा मे निर्माण करती है।
हाइपरथायरॉइडज्म (HYPOTHYROIDISM)– यह तब होता है जब थायराइड ग्रंथि हर्मोंस ज्यादा मात्रा मे निर्माण करती है।
गॉइटर (GOITER) – भोजन में आयोडीन कम होने पर ऐसा होता है, जिससे गले में सूजन अथवा गांठ जैसी नजर आती है।
थायराइडिटिस (THYRODITIES)– थायराइड ग्रंथि में सूजन आना यह थायराइडिटिस होने का संकेत होता है।
थायराइड नोड्यूल (THYROID NODULES)– थायराइड नोड्यूल तब होता है जब थायराइड ग्रंथि में गांठ बनना शुरु हो जाता है।

थायराइड कैंसर (THYROID CANCER)

थाइराइड कैंसर मे सर्जरी करवाना बहुत जरुरी है इसमे थायराइड ग्रंथि को निकाला भी जा सकता है। यह थाइराइड मे गंभीर मामलो मे से एक है तो आपको जल्द से जल्द आपको डॉक्टर से मिलकर उपचार करवाना चहिए इसके अलावा, डॉक्टर सर्जरी के बाद रेडियोआयोडीन थेरेपी का भी उपयोग करते है या कर सकते है मरीज और कैंसर हिसाब से किया जाता है।

हाइपोथायरॉइडज्म (HYPOTHYROIDISM)

जैसे की बताया गया है की इसमे हार्मोंस कम निर्माण होते है जिससे डॉक्टर्स आपको हार्मोंस की दवाई देते है जिससे हार्मोंस का संतुलन बना रहता है और यह दवाई आपको जीवनभर लेना पड सकता है।

हाइपरथायरॉइडज्म (HYPOTHYROIDISM)

हाइपरथायरॉइडज्म मे डॉक्टर्स मरीज को एंटीथायराइड दवा दे सकते हैं, यह थायराइड ग्रंथि नए हार्मोन का निर्माण करना रोक देती है अथवा डॉक्टर्स बीटा-ब्लॉकर दवा भी देते है इससे अधिक निकलनेवाले हार्मोन का शरीर पर असर नही होता और कई मरीज इसके लिए रेडियोआयोडीन थेरॅपी भी करवाते है जिससे हार्मोन निर्माण करनेवाली कोशिकाओ को नष्ट किया जाता है यदि मरिज को ज्यादा ही परेशानी होती हो जैसे की सांस लेने मे कुछ खाने मे तो सर्जरी करते है।

गॉइटर (GOITER)

जैसे की गले मे सुजन आना और गांठ जैसी नजर आना यह गॉइटर के लक्षण है यदि यह ठिक तरह से काम करती है तो यह कुछ दिनो या हफ्तो मे यह ठिक हो जाता है और नही तो इसके लिए दवा है जो की इसे सिकुड के सामान्य हो जाती है।

थायराइडिटिस (THYRODITIES)

इसमे डॉक्टर आपको दवा देते है जिसे प्रेडनिसोलोन(PREDNISOLONE) कहते है इस दवा से यह कुछ हद तक कम हो सकता है अन्यथा सर्जरी ही उपाय होता है।

थायराइड नोड्यूल (THYROID NODULES)

इसमे मरीज की नियमित रूप से जांच की जाती है और ब्लड टेस्ट अथवा थायराइड अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया जाता हैं और दवाईया दी जाती है अगर फिर भी बदलाव नही आता है और यह गांठ का रुप ले तो इसकी सर्जरी ही करवानी पडती है।

थाइराइड यह बहूत ही गंभीर समस्या है यदी आपको बताए अनुसार इसमे से कुछ भी महसुस हो तो तुरंत डॉक्टर्स से मिलना ही बहुत उचित होगा वह आपको बेहतर विकल्प बता सकते है और उपचार भी कर सकते है और समस्या बढने के पहले ही टाला जा सकता है।



गुरुवार, 2 जनवरी 2020

चुनाव कैसे लडे और क्या है चुनावी प्रक्रिया जानिए हिंदी मे(IN HINDI)



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चुनाव के(ELECTION) बारे मे पुरी जानकारी विस्तार से



चुनाव अथवा चुनावी प्रक्रिया(ELECTION PROCESS)

सबसे पहले चुनाव अलग-अलग स्तर पर होते है जैसे की लोकसभा, विधानसभा,ग्राम सभा या स्थानीय निकायो मे मुखिया पद और वार्ड पार्षद, नगर परिषद/निगम जिसमे लोकसभा के लिए 545, विधानसभा के लिए 245 और राज्य मे विधायक और ग्राम सभा के कुल मिलाकर 4000+ से भी ज्यादा पद या स्थान होते है और आप यानी की एक आम आदमी इन सभी पदो पर चुनाव लड सकता है। नियमानुसार स्तर पर चुनाव लड्ने का तरीका अलग-अलग होता है इसलिए आपको इन सभी के बारे मे जानना होगा।

चुनाव कैसे लडे और कितने लोग एक साथ इसमे हिस्सा ले सकते है (HOW TO CONSTENT ELECTION AND HOW MANY PEOPLE IN ONE TIME CONSTENT)

लोकसभा का चुनाव लडने के लिए

लोकसभा चुनाव लडने के लिए प्रतियोगी का 25 वर्ष का होना आवश्यक है उसे भारत की नागरिकता प्राप्त हो। वह देश मे किसी भी राज्य की वोटर लिस्ट मे उसका नाम होना चाहिए, आरक्षित सीट के लिए किसी भी राज्य की मान्य जाति का प्रतियोगी होना आवश्यक है और प्रतियोगी का मानसिक संतुलन ठिक न होने यानी की पागल, विक्षिप्त या कोर्ट से चुनाव लडने पर बैन नही होना चाहिए।

विधानसभा का चुनाव लडने के लिए

इसके लिए भी प्रतियोगी की उम्र 25 साल की होनी चाहिए , भारत का नागरिक हो और जिस राज्य से चूनाव लड रहे है वहाँ की वोटर लिस्ट मे नाम होना आवश्यक है। आरक्षित सीट के लिए उस राज्य की मान्य जाति का प्रतियोगी हो। प्रतियोगी का मानसिक संतुलन ठिक न होने यानी की पागल, विक्षिप्त या कोर्ट से चुनाव लडने पर बैन नही होना चाहिए।

म्युनिसिपल कॉरपोरेशन(MUNICIPAL CORPORATION) का चुनाव लडने के लिए

इसमे चुनाव लडने के लिए उम्र सिर्फ 21 वर्ष की होनी चाहिए और किसी राज्य के नियम अनुसार जिसके तीन या उससे ज्यादा बच्चे है वह चुनाव नही लड सकते यह नियम सिर्फ कुछ राज्यो मे ही है इसके अलावा उस क्षेत्र मे प्रतियोगी की वोटर लिस्ट मे उसका नाम होना आवश्यक है।

चुनाव के लिए नामांकन(नोमिनेशन,NOMINATION) कैसे करे

चुनाव आयोग चूनाव की तारीखे तय करता है और कब और किस समय चूनाव करवाना है यह तय करता है और चुनाव मे नामांकन करने के लिए 7 दिन क समय होता है और यदी इसके बाद आप अपना नाम वापस लेना चाहते है तो उसके लिए दो दिन का समय होता है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए यदि आप प्रस्ताव करते है या आप एक निर्दलीय उम्मीदवार है तो आपके पास 10 प्रस्तावक होना आवश्यक है। चुनाव आयोग के विवेकानुसार चुनाव 14 दिनो मे खत्म की जा सकती है और वोटिंग से 48 घंटे पहले सारे प्रचार-प्रसार बंद होना चाहिए। चुनाव लडने के लिए किसी भी कागजात की आवश्यकता नही होती है नामांकन पत्र/फॉर्म के साथ, इसके लिए सिर्फ आपका नाम वोटर लिस्ट मे होना आवश्यक है। नामांकन पत्र मे आपकी चल और अचल संपत्ति का डिक्लेरेशन/बताना आवश्यक है और प्रतियोगी दो-तीन सेटो मे अपना नामांकन भर सकते है क्योंकी अगर एक सेट गलत हो गया और दुसरा सही है तो नामांकन रद्द नही होगा।

जमानत राशि कितना देना पडता है

अगर आप लोकसभा का चुनाव लड रहे है तो आपको 25,000 हजार जमानत राशि देना है, विधानसभा चुनाव मे 10,000 की जमानत राशि देना पडता है और म्युनिसिपल कॉरेपोरेशन के लिए सिर्फ 500-1000 तक ही देना पडता है यदी आप एक आरक्षित वर्ग से है तो आपके लिए यह सभी रकम आधी हो जाती है। चुनाव मे खर्च सीमा भी चुनाव आयोग ही तय करता है जो कि लोकसभा के लिए 70 लाख है, विधानसभा के लिए 40 लाख है और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए 10,000 से 4 लाख तक है। चुनाव मे हिस्सा कोई भी ले सकता है यह जन्मजात नही है जैसे की राजा का बेटा ही राजा बनेगा। यदी आपको किसी पार्टी का टिकट चाहिए तो आपको आपके क्षेत्र मे नाम कमाना होगा और हमेशा जनता से जुडाव मे रहना चाहिए अगर आप पार्टी का टिकटप्राप्त करने मे सफल हो जाते है है तो पार्टी आपको चुनाव के लिए फंड अथवा राशि भी देती है। चुनाव के लिए आपको कम-से-कम एक साल या छह महिने पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए और आपको नामांकन पत्र मे दिए गए प्रश्नो के उत्तर देने के लिए तैयार होना चाहिए जैसे की चुनाव क्षेत्र कहाँ बनाएंगे और इसके लिए फंड कहाँ से जुटाएंगे इसके अलावा भरोसेमंद लोगो की टिम कैसे बनाएंगे और स्थानीय सम्स्याओ पर जनमत कैसे प्राप्त करेंगे इन सभी प्रश्नो के उत्तर देने के लिए आपको सक्षम होना चाहिए।

एक नेता मे क्या गुण होने चाहिए

एक अच्छे नेता को निडर,विनम्र और अपना धीरज नही खोना चाहिए और मृदुभाषा का उपयोग करना चाहिए उसे अच्छी शिक्षा और भाषन देने की कला मे निपुण होना चाहिए और यदि उसे चुनाव जीतना है तो उसे अपनी रणनीति बेहतर करनी चाहिए जनता के बीच विश्वसनीयता बनाए रखना चाहिए और उनकी उम्मीदो पर खरा उतरना चाहिए। अपना दल बनाए और वह अच्छा और विश्वसनीयता दल होना चाहिए, लोगो मे अपनी पार्टी के बारे मे विश्वास दिलाए, प्रचार-प्रसार करना चाहिए चुनाव चिन्ह और नाम अच्छा रखे। आपके नारे मिलते-जुलते और आकर्षक हो और नए-नए तरिके अपनाना चाहिए।


बुधवार, 1 जनवरी 2020

जानिए RBI के बारे की वह नोट कहाँ छापती है कब इसकी शुरुआत हुई हिंदी मे(IN HINDI)



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आरबीआई(RBI) के बारे मे विस्तार से



आरबीआई(RBI) क्या है और इसे कब बनाया गया

आरबीआई यह एक ऐसा बॅन्क है(BANK) जो की भारत के सभी बॅन्को पर नियंत्रण रखता है इसे बॅन्को का बॅन्क भी कहते क्योंकी यह भारत के सभी बॅन्को को इसके द्वारा ही बनाए नियम और शर्तो पर चलना होता है। यह भारत की मुद्राओ का उत्पादन, नियंत्रण रखने का कार्य करता है। आरबीआई को 1 अप्रेल,1935 को स्थापित किया गया था ब्रिटिश सरकार(BRITISH RAJ) द्वारा और इसके पहले गवर्नर शक्तिकांत दास थे और बाद मे भारत स्व्तंत्र होने के बाद 15 अगस्त,1949 को इसका राष्ट्रियकरण(NATIONALISED) किया गया। आरबीआई को भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। आरबीआई का पुरा नाम रिजर्व बॅन्क ओफ इंडिआ(RESERVE BANK OF INDIA) है।

आरबीआई नोट कहाँ छापती है ? (WHERE RBI PRINT NOTES)

आरबीआई अपनी मुद्राए(CURRENCY) यानी की नोट भारत मे चार जगहो पर छापती है उनमे से पहला है 1) करेंसी नोट प्रेस जो की नाशिक मे है। ,2) बॅन्क नोट प्रेस जो की देवस मे स्थित है। ,3) भारतीय रिजर्व बॅन्क नोट मुद्रण प्राईवेट लिमिटेड जिसकी पहली शाखा मैसुर , कर्नाटक और दुसरी शाखा सलबोनी,पश्चिम बंगाल मे है और आरबीआई सिक्के इंडिआ गवर्नमेंट मिंट नामक सरकारी कम्पनी मे बनाती है जिसकी भारत मे चार शाखाए है जो की मुम्बई,कोलकाता,हैदराबाद, और नोइडा मे स्थित है जहाँ सिक्को के अलावा मेडल और अवार्ड भी बनाए जाते है।

आरबीआई अपने नोट के लिए कौनसा कागज उपयोग करती है?(WHICH PAPER USE TO MAKE NOTES)

आरबीआई का कागज बनानेवाली पेपर मील होशंगाबाद,मध्य प्रदेश मे है जो की 1968 मे स्थापित की गई थी जहाँ पर नोट के कागज और स्टॅम्प पेपर आदी निर्माण किए जाते है और एक पेपर मील मैसुर मे है जिसका नाम इंडिआ प्राईवेट लिमिटेड जो की सिर्फ भारतीय मुद्राए छापती है। आरबीआई का कागज बहुत ही खास होता है यह कागज बाज़ार मे नही मिलता और ना ही इसे बाज़ार मे बेचने की अनुमति किसी को है। यह कागज कपास और अन्य वस्तुओ से बनाया जाता है और आरबीआई इसे ज्यादातर बाहरी देशो से बनवाया जाता है और यह जापान और जर्मनी इन दोनो देशो से मंगवाया जाता है कुछ सालो मे आरबीआई खुद इसकी मात्रा कम करनेवाला है और इसे ज्यादातर भारत मे ही बनाया जाएगा।

आरबीआई को कैसे पता चलता है कितना नोट छापना ? (HOW DECIDE HOW MUCH NOTES IS PRINTING)

आरबीआई को कितना नोट छापना है यह जीडीपी(GDP) से पता चलता है लगभग जीडीपी का 7-9% तक नोट हर साल छापना होता है। आरबीआई बाज़ार मे बचे हुए नोटो की गिंनती करता है और वो यह सभी बॅन्को और कुछ संस्थाओ के साथ मिलकर पता करता है और साथ ही कुल कितने नोट नष्ट किए गए उसका पता लगाकर उस के हिसाब से नोट छापती है। आरबीआई ज्यादा नोट नही छाप सकती है क्योंकी यह सारी प्रकियाए भारत सरकार के सलाह पर की जाती है।

मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

जानिए TRP के बारे मे पुर्ण जानकारी हिंदी मे(IN HINDI)



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TRP(टीआरपी) के बारे मे पुरी जानकारी विस्तार से



टीआरपी(TRP)

टीआरपी का पुरा नाम 'टेलीवीजन रॅटींग पॉइंट(TELEVISION RATING POINT)' है। हर चैनल को अलग रॅटींग(RATING) दी जाती है जिसकी टीआरपी ज्यादा होती है टेलीवीजन(TELEVISION) बाज़ार मे उसका बोल-बाला ज्यादा होता है और वह सबसे ज्यादा कमाई भी करता है और बडी- बडी कम्पनिया उसपर ज्यादा पैसा लगाना(INVESTING) पसंद करती है ऐसा क्यु होता है हम आपको बताते है तो चलिए जानते है बहुत कुछ इसके बारे मे :-

टीआरपी कैसे पता किया जाता है ?(HOW TO CHECK TRP)

टीआरपी चेक करने के लिए कुछ चुनिंदा जगहो पर एक डिवाइस लगाया जाता है यह डिवाइस उस जगह पर मौजुद कुछ सेटटॉप बॉक्स(SETTOP BOX) से कनेक्ट किया जाता है (इसलिए सरकारे और चैनल कम्पनिया सेटटॉप बॉक्स लगाने पर इतना जोर देती है) और यदी आप कोई चैनल मे कोई धारावाहिक(EPISODE,कार्यक्रम) देख रहे हो तो सेटटॉप बॉक्स इसकी जानकारी वह इस डिवाइस तक भेज देता है और यह डिवाइस इसे कंट्रोल रुम(CONTROL OR MONETARING TEAM) तक भेज देता है जहाँ कंट्रोल रुम मे स्थित दल किस चैनल को सबसे ज्यादा देखा जा रहा है या किसकी टीआरपी ज्यादा है बताते है इसे हर एक सप्ताह(WEEKLY) मे बताया जाता है।

टीआरपी क्यो चेक की जाती है(WHY TRP CHECK)

चैनल कम्पनिया कमाई करने के लिए ज्यादातर विज्ञापन का उपयोग करते है और यह विज्ञापन(ADVERTISING) बडी-बडी कम्पनिया अपने उत्पाद के बारे मे बताने के लिए करते है। जिस टीवी की टीआरपी ज्यादा होगी यानी की जिस चैनल को देश मे सबसे ज्यादा देखा जा रहा है उसपर विज्ञापन ज्यादा दिया जाता है। यदि देश मे सबसे ज्यादा किसी एक चैनल को देखा जाता है मतलब की उस चैनल पर सबसे ज्यादा दर्शक(VIEWER) यानी की जनता और जहाँ दर्शक ज्यादा होते है वहाँ कम्पनिया विज्ञापन दिखाने के पैसे देती है और जिस चैनल के दर्शक ज्यादा होते है उस चैनल पर विज्ञापन दिखाने के भारी-भरकम पैसे लिए जाते है और चैनल उतना ज्यादा कमाता है। चैनल की टीआरपी बढाने मे धारावाहिको का मह्त्वपुर्ण हाथ होता है धारावाहिक जितना ज्यादा मनोरंजक होता है उसे दर्शको द्वारा उतना देखा जाता है इसलिए टीआरपी को चेक करना बहुत अनिवार्य होता है।

कैसे पता करे की किस चैनल की टीआरपी कितनी है (HOW TO CHECK WHICH CHANEEL TRP IS HIGHEST)

यदि आपको यह ज्ञात करना है की किस चैनल की कितनी ज्यादा टीआरपी है तो यह कार्य भारत की एक सरकारी संस्था करती है और यह अपने आंकडो को इंटरनेट पर प्रदर्शित करती है आप वहाँ जाकर वर्तमान स्थिति ज्ञात कर सकते है उनकी वेबसाइट पर जाकर उस वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे।

शनिवार, 28 दिसंबर 2019

जानिए GDP के बारे पुर्ण जानकारी विस्तार से हिंदी मे(IN HINDI)



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जीडीपी(GDP) के बारे मे विस्तार से जाने



जीडीपी(GDP)

मित्रो आज हम आपको जीडीपी(GDP) के बारे मे बात करनेवाले है जिसके बिगड्ने से पुरे देश कि आर्थिक स्थिति उथल-पुथल हो जाती है जिसके बिगड्ने से देश की जनता और सरकारे बहुत मुसीबत मे पड जाती है और इसे सुधारने के लिए सरकारो क तेल निकल जाता है तो चलिए जानते है इसके बारे विस्तार मे :-

जीडीपी का पुरा नाम ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट(GROSS DOMESTIC PRODUCT) है जिसका हिंदी मे अर्थ सकल घरेलु उत्पाद है। इस शब्द को पहली बार अमेरिका के एक व्यक्ति इसे अमेरिका से अवगत कराया जिनका नाम साइमन था और वह एक अर्थशास्त्री थे उन्होने इस शब्द का उपयोग सन 1935-44 के अंतराल मे किया और बाद मे इसे आईऐमएफ(IMF) ने उपयोग करना शुरु किया और यह बहुत तेज़ी से सभी देशो द्वारा अपनाया गया और आज हर देश इस शब्द का उपयोग करता है अपनी अर्थव्यव्स्था(ECONOMY) को बताने के लिए।

जीडीपी(GDP) किसी देश की उत्पादन क्षेत्रो मे हुई वृद्धि को निर्धारित होता है इसमे तीन मुख्य घटक यानी कृषि,उद्योग और सेवा मे उत्पादन बढने या घटने के औसत के आधार पर जीडीपी तय होती है और इसे दो तरह से मापी जाती है और दर्शाया जाता है एक है कॉन्स्टंट प्राईज(CONSTANT PRICE) और दुसरा है करंट प्राईज(CURRENT PRICE) ।

कॉन्स्टंट प्राईज(CONSTANT PRICE)

इसमे एक वर्ष तय किया जाता है जिसे आधार मानकर इसके आगे आनेवाले वर्षो मे महगाई को मापा जाता है की कितनी ज्यादा महगाई है या कम महगाई है। उदाहरण के लिए अगर किसी वर्ष की जीडीपी 10% है और इसे एक आधारवर्ष तय किया गया और अब इसके अगले वर्ष जीडीपी 9% हो गई तो इसकी जीडीपी आधारवर्ष की जीडीपी से कम है यानी अब थोडी महगाई है और इसके अगले वर्ष जीडीपी 12% हो गई तो अब यह जीडीपी आधारवर्ष(BASE YEAR) की जीडीपी से ज्यादा है यानी की देश मे कम महगाई है।

करंट प्राईज(CURRENT PRICE)

करंट प्राईज(CURRENT PRICE) यानी की वर्तमान मे देश की जीडीपी कितनी है यह ज्ञात किया जाता है जिसे उत्पादन कि वर्तमान किमत को हासिल किया जाता है जिसमे महगाई दर की दर को जोड कर वर्तमान जीडीपी मापी जाती है। भारत मे हर तीन महीनो मे वर्तमान जीडीपी मापी जाती है।

जीडीपी पर किन-किन बातो का प्रभाव पडता है

1) अगर किसी एक देश के अंदर बाहर देश की वस्तुओ या उत्पाद को बहुत ज्यादा पैमाने पर खरिदा जाता है और स्वदेशी यानी की उसी देश कि बनी चीजो को कम खरिदा जाता है तब उस देश की जीडीपी पर बुरा प्रभाव पडता है और भारत मे कुछ ऐसा ही हो रहा है ।

2) किसी देश मे उत्पादन कम होता हो तो प्रभाव पडता है उत्पादन कम होगा तो देश के लोगो को वस्तुए महंगे दाम पर मिलेंगी जिससे वस्तुए कम खरिदी जायेंगी और कम खरेदी जायेंगी तो उत्पादन कम होगा और उत्पादन कम होगा तो अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार(INTERNATIONAL MARKET) मे उत्पाद नही होंगे जिससे देश की जीडीपी पर असर पडता है।

3) देश मे विदेशी माल को बहुत ज्यादा पैमाने पर आयात किया जाता है ।

4) देश बदलाव और आधुनिकीकरण की ओर कदम नही बढाए तो भी ऐसा होता है क्योंकी अगर देश मे यह नही हुआ तो बाहरी कम्पनी इसका लाभ उठा लेते है और देश की पुंजी बाहर जाने लगती है।


गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

जानिए BC और AD क्या है हिंदी मे(IN HINDI)



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जानिए (AD)ऐडी और (BC)बीसी वर्ष के बारे मे



AD(ऐडी) और BC(बीसी)

BC

सबसे पहले हम (BC)बीसी के बारे मे जानेगे वैसे तो इन दोनो का संबध ईसा मसीह के जन्म से है तो सबसे पहले (BC)बीसी के बारे मे (BC)बीसी वर्ष को ईसा मसीह के जन्म के पहले के वर्षो को कहते है। ईसा मसीह के जन्म ईसाई लोगो के लिए बहुत पवित्र माना जाता है यह ईसाईयो के भगवान थे और इनके जन्म के बाद ईसाईयो ने इनके जन्म के वर्ष को नया वर्ष मानना शुरु किया और इनके जन्म के पहले के वर्षो को (BC)बीसी कहा यानी की (BEFORE CHRIST)बिफोर क्रिस्ट यह इसका पुरा अर्थ है। ईसा के जन्म के पहले के 100 वर्ष को 100 (BC)बीसी, 500 वर्ष को 500 (BC)बीसी और 1000 वर्ष को 1000 (BC)बीसी कहते है।

AD

अब जानते है (AD)ऐडी के बारे मे जब ईसा का जन्म हुआ तो उस वर्ष को (AD)ऐडी कहा गया इसका अर्थ '(ANNO DOMINI)ऐन्नो डोमिनी' है यह लॅटीन भाषा से लिया गया है जिसका मतलब '(IN THE YEAR OF LORD)भगवान का वर्ष' है। ईसा के जन्म के बाद सभी वर्षो को ऐडी कहा जाता है और ईसा के जन्म के बर्ष को '(COMMON ERA)कॉमन ईरा' भी कहा जाता है और ईसा के जन्म के पहले के वर्षो को '(BEFORE COMMON ERA)बिफोर कॉमन ईरा' कहते है। ईसा के जन्म के बाद के 200 वर्षो को 200 (AD)ऐडी, 1000 वर्षो को 1000 (AD)ऐडी कहते है और यह 2019 मे पोस्ट बना है तो इस वर्ष को 2019(AD) ऐडी कहेंगे और इसे हम हिंदी मे ईस्वी सन 2019 कहेंगे।

अगर आपको (BC)बीसी और (AD)ऐडी पता करना है तो कैसे करेंगे,

(BC)बीसी + (AD)ऐडी = (TOTAL YEAR)कुल वर्ष (यह कुल वर्ष निकालने का सुत्र है)

मान लो कोई वस्तु 1000 (BC)बीसी मे खोजी गई है तो उसे अब से कितने वर्ष हो गए है, वह वस्तु 1000 (BC)बीसी मे खोजी गई है तो यह ईसा के जन्म के 1000 वर्ष पहले खोजी गई है और यह वर्ष 2019 चल रहा है,तो

1000 + 2019 = 3019 वर्ष उस वस्तु को अब से 3019 वर्ष पहले खोजा गया था।


सोमवार, 16 दिसंबर 2019

जानिए विश्व की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट कला कौन-सी है हिंदी मे(IN HINDI)



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सबसे पुरानी मार्शल आर्ट(लडने की कला) तकनीक



कलारीपयट्टु(KALARIPAYATTU)



कलारीपयट्टु यह भारत ही नही पुरे विश्व की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट(MARTIAL ART) तकनीक है और इसे सभी मार्शल आर्ट तकनीक की माता भी कहते है जिसे भगवान परशुराम(LORD PARSHURAM) ने खोजा था भगवान परशुराम लडने की तकनीक मे बहुत निपुण थे वह किसी भी अस्त्र को देखकर उसे कैसे उपयोग करना है सब बता देते थे और उन्होने इस लडने की तकनीक को निर्माण किया। कलारीपयट्टु को छोटे शब्दो मे कलारी भी कहते है इस कला मे सभी प्रकार की लडने की नीतिओ के बारे मे बताया गया है इसके साथ-साथ शरीर के महत्वपुर्ण अंगो और कमजोर हिस्सो के बारे बताया गया है जहाँ हल्का-सा भी प्रहार करके ज्यादा नुकसान पहुचाया जा सकता है इसके साथ ही अस्त्र और हथियारो का उपयोग और इनसे लडने की कला को बताया जाता है इसे युद्ध के क्षेत्र मे लडने के लिए प्रयोग किया जाता था।

कलारी मे लडने की कला के बारे मे बताया तो जाता ही है साथ-साथ इसमे चिकित्सीय जानकारी भी दी जाति है जिसे आयुर्वेद और योग के द्वारा करना भी बताया गया है और कलारी मे मुख्यत: अनुशासन,गुरु के प्रति और अपने साथीयो का सम्मान, माता-पिता और समाज के प्रति सम्मान करना सिखाया जाता है। कलारी मुख्य रुप से केरल से आरम्भ हुई और वहाँ के आस-पास के राज्यो मे फैली जिसे बोधिधर्मण अपने साथ चीन ले गए और वहाँ से यह पुरे विश्व मे फैल गई और कुछ लोगो ने इस कला को सिखकर अपनी खुद की लडने की तकनीक बनाई कलारी को ध्यान मे रखकर किया गया और वहाँ से शाओलिन मंदिर की शुरुआत हुए और कुंग फू की शुरुआत बोधिधर्मण ने की। कलारी उस समय जीवन का हिस्सा था और इससे अपनी और दुसरो की भी रक्षा करने के काम आती थी। कलारी का पुर्ण ज्ञान होने के लिए सालो लग जाते है और इसे सामान्य ही सिखने मे 2-3 साल लग जाते है।

हमारा भारत बहुत महान है और इसकी महानता ने विश्व को बहुत कुछ दिया और अगर हम और आप इस भारत मे जन्मे है तो आप बहुत भाग्यशाली है और आपका भी यह कर्तव्य है की आप अपने देश की महानता का सम्मान और संस्कृति को बनाए रखे और हमारे देख के इतिहास के बारे मे जाने यह संदेश हम आप लोगो को देना चाहते है हमारी सभ्यता और यह कला 2000-3000 साल पुरानी नही है यह हज़ारो वर्षो पुर्व की विरासत है जो हमे हमारे पुर्वजो द्वारा मिली है।

हम हमारे विषय की तरफ बढते है कलारी मे सिखाया जाता है की हम अपने हर शरीर के हर एक अंग का प्रयोग कैसे युद्ध के समय कैसे करे और शरीर के किस अंग पर वार करना है लेकिन आज यह कला खत्म होने के करीब है लेकिन कलारी आज भी सिखाया जाता है। कलारी और भारतनट्टयम मे बहुत-सी समानताए है इन दोनो मे कुछ मुदाए आपस मे मेल खाते है और कुछ योग से मिलती-जुलती है।

शनिवार, 14 दिसंबर 2019

WORLDS TOP 10 MOST VISITED WEBSITES 2019 जानिए हिंदी मे(IN HINDI)



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2019 की सबसे ज्यादा देखी गई वेबसाइट्स



1) गुगल(Google)

गुगल को तो हम सब लोग जानते है यह 1997 मे लॉन्च किया गया था और आज यह विश्व के सबसे ज्यादा देखी जानेवाली वेबसाइट है यह एक सर्च इंजन है जो ऑनलाईन काम करती है और यह 149 भाषाए है ज्यादा करके अंग्रेजी मे यह उपलब्ध है और इस भाषा का उपयोग किया जाता है। इसे तैयार करनेवालो का नाम लैरी पेज और सर्जि ब्रिन और स्कोट हसन है। गुगल पर हर महिने 7960 हजार करोड विजिट होती है।

2) युटुब(youtube)

युटुब तो के बारे मे सभी को पता है यह एक अमेरिकन विडिओ शॅरिंग प्लेटफार्म है जिसका हेडक्वार्टर अथवा मुख्यालय कॅलिफोर्निया के सॅन ब्रुनो मे स्थित है। नवम्बर,2006 को गुगल ने इसे 1.65 बिलियन यानी आज के मुताबिक 11550 करोड रुपए मे खरीद लिया और आज यह सबसे ज्यादा देखे जानेवाले वेबसाइट मे से एक है इस पर हर एक मिनट मे 500 घंटे का विडिओ अपलोड किया जाता है और आज इससे पैसे भी कमाए जाते है। युटुब पर 2880 हजार करोड विजिट हर महिने होती है लेकिन फिलहाल गुगल के आसपास कोई भी नही है इन दोनो के बीच मे बहुत बडा अंतर है बहुत ही बडा।

3) फेसबुक(FACEBOOK)

यह सोशल नेटवर्किंग सेवाओ का प्रचार(PUBLISH) करने का ऑनलाईन माध्यम है और इसे भारत मे बहुत उपयोग किया जाता है। इसे फरवरी,2004 को लॉन्च किया गया था और यह अपनी सेवाए विश्वभर मे प्रदान करता है। यहाँ पर हर महिने 2459 हजार करोड विजिट होती है। फेसबुक पर हर महिने 2459 हजार करोड विजिट लगभग होती है।

4) बैडु(BAIDU)

यह एक प्रकार का ऑनलाईन सर्च इंजन है जिसे हर कोई उपयोग कर सकता है। इसका मुख्यालय अथवा हेडक्वार्टर चीन के बैजिंग(BEIJING) मे स्थित है और इसे वही से चलाया जाता है इसे वर्ष 2000 मे खोजा गया था। बैडु पर 682 करोड विजिट(VISIT) हर महिने होती है यहाँ पर बहुत ज्यादा अंतर देखा जा सकता है।

5) ट्विटर(TWITTER)

यह एक अमेरीकी माइक्रोब्लोगिंग(MICROBLOGGING) और सोशल(सामाजिक) नेटवर्किंग वेबसाइट(WEBSITE) है और यह समाचार प्राप्त करने का बहुत ही बडा माध्यम है जिसे सभी लोग उपयोग कर सकते है। ट्विटर को जुलाई,2006 मे लॉन्च किया गया था और इसका मुख्यालय कॅलिफोर्निया के सॅन फ्रांसिस्को मे स्थित है और यह अपनी सुविधा विश्वभर मे प्रदान करती है। ट्विटर पर लगभग हर महिने 553 करोड विजिट होते है।

6) इंस्टाग्राम(INSTAGRAM)

यह भी एक अमेरीकी फोटो और विडिओ शॅरिंग(SHARING) वेबसाइट(WEBSITE) है और साथ ही सोशल नेटवर्किंग सेवाए भी प्रदान करता है| इसे अक्टुबर,2010 को लॉन्च किया गया था और जब यह लॉन्च किया गया था तो इससे फेसबुक को काफी नुकसान हो रहा था जिसके बाद इसे फेसबुक ने खरिद लिया। इंस्टाग्राम पर लगभग 455 करोड लोग हर महिने आते है या विजिट होती है।

7) एक्सविडिओस(XVIDEOS)

यह एक पोर्न(PORN) विडिओ यानी अश्लील विडिओ शॅरिंग वेबसाइट है और इसे मार्च,2007 मे लॉन्च किया गया था और जब इस वेबसाइट को लॉन्च किया गया तभी से इसपर काफी लोग अश्लील विडिओ देखने आते है जो की बहुत बुरी बात है आज भी यह अश्लील विडिओ देखने का ऑनलाईन भंडार है और इसपर विडिओ धडल्ले से देखी जा रही है। इस वेबसाइट पर भी हर महिने लगभग 405 करोड विजिट होती है।

8) विकिपीडिया(WIKIPEDIA)

यह जानकारी प्राप्त करने का एक मुफ्त माध्यम है और यह ऑनलाईन वेबसाइट है। विकिपीडिया एक नॉन-प्रोफिटॅबल(NON-PROFITABLE,बिना किसी लाभ के) संस्था है जिसे जनवरी,2001 मे बनाया गया और इसे बनानेवाले जीम्मी वल्व्स और लॅरी संगर है। विकिपीडिया पर प्रतिदिन बहुत विजिट आते है और लोग इस वेबसाइट को लोग बहुत सर्च करते है। विकिपीडिया पर महिने के 355 करोड विजिट हो रही है।

9) याहू(YAHOO)

यह भी अमेरीकी वेबसाइट और सर्च इंजन है जैसे की गुगल है जिसे जनवरी 1994 और इसका मुख्यालय अथवा हेडक्वार्टर कॅलिफोर्निया के सन्निवले मे स्थित है। यह वेबसाइट वेरीजेन मिडिया द्वारा बनाई गई है और इन्ही के द्वारा संचालित किया जाता है। याहू पर भी हर महिने 321 करोड विजिट हो रही है।

10) यांडेक्स(YANDEX)

यांडेक्स यह एक रशियन सर्च इंजन है जो की इंटरनेट से जुडी हुई सेवाए और उत्पाद प्रदान करती है जिसे कोई भी उपयोग कर सकता है। यह रशिया का सबसे बडा सर्च इंजन है इसका लगभग 52% कि हिस्सेदारी बाजार मे है और इसे 1977 मे स्थापित(FOUNDED) किया गया। यांडेक्स पर हर महिने 291 करोड विजिट होती है।

शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

जानिए कौन-से TOP 5 ADSENSE ALTERNATIVES अच्छे है हिंदी मे(IN HINDI)

जानिए कौन-से TOP 5 ADSENSE ALTERNATIVES अच्छे है हिंदी मे(IN HINDI)


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5 सबसे अच्छे ऐड नेटवर्क जो ऐडसेंस के जैसे है



MEDIA.NET(मिडिया.नेट)

मीडिया.नेट यह विश्व की तीसरी सबसे बडी ऐड नेटवर्क कंपनी है और इसे 2010 मे बनाया गया था। इसका उपयोग ज्यादातर अमेरिका मे किया जाता है और इसे याहू और बिंग द्वारा संचालित किया जाता है। इनका मुख्य विभाग अथवा हेडक्वार्टर दुबई और अमेरिका के न्यु योर्क मे है और इनका सबसे ज्यादा मुनाफा अमेरिका से होता है लगभग 80%-90% होता है।


PROPELLER ADS(प्रॉपेलर ऐड्स)

PropellerAds

प्रोपेलर ऐड्स यह पब्लिशर और ऐडवर्टाइजर दोनो के लिए काम करता है इसका दोनो लोग उपयोग करते है| यह सबसे ज्यादा ट्राफिक जेनेरेट करनेवाले ऐड नेटवर्क मे से एक है यहाँ लगभग 100 करोड से भी ऑडियंस अथवा दर्शक हर महिने इनके द्वारा आते है। हमने इसपर काम किया है तो हम आपको अपना अनुभव बताते है इस ऐड नेटवर्क पर फ्रि वेबसाइट जैसे की Blogspot.com,hostinger.com और जितने भी वेबसाइट है जिनके अंत मे यह सब लगता है और एक उदाहरण देते है जैसे की knowledgeinmaatrabhasha.blogspot.com अथवा knowledgeinmaatrabhasha.hostinger.com ऐसे वेबसाइट होते है इन्हे इसपर आवेदन नही कर सकते नही तो आपका आवेदन रद्द किया जाता है तो आप अपनी वेबसाइट को होस्ट करवा लिजिए और आवेदन करे और इसपर पेमेन्ट भी जल्दी मिल जाता है। यहाँ सभी प्रकार के ऐड्स मिलते है।


Bidvertiser(बिडवर्टाइजर)

यह ज्यादा करके बॅनर ऐड्स,पॉप अंडर और स्लाईडर ऐड्स पर ज्यादा पैसे देते है और इसपर ज्यादा ध्यान देते है। इनके ऐड्स मोबाईल और कम्पुटर दोनो के लिए होते है और यह पब्लिशर और ऐडवर्टाइजर दोनो के लिए है। यह लगभग 10 साल से लोगो को अपनी सेवा प्रदान कर रहे है।


Adcash(ऐडकॅश)

ऐडकॅश यह कंपनी पुरे विश्व मे अपनी सेवा प्रदान करते है यह प्राइवेट हेल्ड कंपनी है जिनकी सेवा प्राइवेटली दी जाती है यह आम ऐड नेटवर्क के जैसे ही काम करते है और इनके ऐड्स मे एंटी-ब्लॉक सिस्टम लगा होता है तो यह ब्राउजर के ऐड ब्लॉक सिस्टम को भेद जाता है और युजर को ऐड्स दिखाई देते जिससे आपके कमाने की ज्यादा संभावना होती है। इसमे जल्दी पेमेन्ट का ऑपशन भी है और यह कंपनी 2007 से अपनी सेवा प्रदान कर रही है।

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AdBlade(ऐडब्लेड)

इस कंपनी को 2008 मे शुरु किया गया था यह कंपनी पब्लिशर और ऐडवर्टाइजर दोनो के लिए काम करती है और दोनो को सेवाए प्रदान करती है। इनका मुख्यालय अथवा हेडक्वार्टर अमेरिका के न्यु जर्सी मे स्थित है यह ऐड नेटवर्क अब ज्यादा तेजी से बाज़ार मे अपनी पकड मजबूत करते जा रहा है और इनके ऐड नेटवर्क पर हर महिने 30 करोड से ज्यादा दर्शक इनके ऐड्स द्वारा आते है।


ऑनलाईन ऐसी और भी कंपनी है जो ऐसी सेवाए प्रदान करती है और अगर आपकी कोई और वेबसाइट जैसे की मुवी डाउनलोड करानेवाली या अन्य कोई वेबसाइट है तो आप अपनी वेबसाइट के लिए दुसरे ऐड नेटवर्क का उपयोग करे हम आपको सभी ऐड नेटवर्क की तलिका का लिंक नीचे देते है।


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