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ऊपर दर्शाये गई तालिका में क्रमांक, पोषक तत्त्व का नाम अथवा पोषक तत्त्व को प्रतिदिन कितनी मात्रा में लेना है दर्शाया गया है जिसमे एमसीजी(mcg) का अर्थ माइक्रोग्राम(microgram) है और एमजी(mg) तथा जी(g) का अर्थ मिलीग्राम और ग्राम है।
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कैल्शियम के बारे में जानकारी।
मित्रो हमारे दैनिक जीवन में हर एक पोषक(NUTRIENTS) पदार्थ बहुत उपयोगी है लेकिन जिस पोषक आहार का हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान है आज हम उसके बारे में बात करनेवाले है जिसका नाम कैल्शियम है। यह हमारे शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक एंव महत्वपूर्ण खनिज/पोषक पदार्थ है यह हमारी हड्डियो का विकास करने मे सबसे अधिक सक्षम है इसके आलावा यह हमारे ऊतकों,मांसपेशियो में भी पाया जाता है। हमें प्रतिदिन कैल्शियम की मात्रा 1000-1300मिलीग्राम(Mg) तक सेवन करना चाहिए। आइये विस्तार से जानते है :-
कैल्शियम के लाभ(BENEFIT) :-
कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे हड्डियां स्वस्थ रहती है। कैल्शियम हमारे ह्रदय(HEART),मांसपेशियो(MUSLES) और शरीर को सुचारू रूप से चलाता है। यदि आप इसे विटामिन डी(VITAMIN D) के साथ लेते है तो आपके शरीर को कैंसर(CANCER),डायबिटीज(DIABETES) और उच्च रक्त दाब(HIGH BLOOD PRESSURE) से लड़ने में मदद करता है। कैल्शियम और विटामिन डी का प्रतिदिन नियमित सेवन करने से आपकी ऊँचाई(HEIGHT) और शारीरिक बल दोनों में विकास होता है।
कैल्शियम की कमी होनेपर :-
कैल्शियम की कमी होनेपर डिप्रेशन,हड्डियां कमजोर होना, अनिंद्रा,व्यक्तित्व(PERSONALITY) में बदलाव आना। कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों का आसानी से टूटने(FRACTURE) का खतरा बना रहता है। दांत 99% कैल्शियम से बने होते है इसकी कमी से दांत कमजोर हो जाते है अथवा इससे हड्डियां में दर्द शुरू हो जाता है। कैल्शियम के उपाय/स्त्रोत(SOURCE) :-
कैल्शियम सबसे ज्यादा दूध से बने सामानों जैसे चीज़(CHEESE),दही में सबसे ज्यादा पाया जाता है। इसके आलावा फलो में पाया जाता है जैसे संतरा,कीवी और चिकन और अंडे में भी पाया जाता है। बादाम भी इसका एक अच्छा स्त्रोत है।
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Summit(समिट)
आज हम बात करनेवाले है सुपरकंप्यूटर्स की सुपरकंप्यूटर्स हर देश के लिए बहुत उपयोग और जरुरी हिस्सा है। सुपरकंप्यूटर्स आमतौर पर उपयोग किये जानेवाले कंप्यूटर्स से बहुत अधिक शक्तिशाली होते है।आज हम आपको ऐसे ही शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर के बारे में बतानेवाले है जो एक देश नहीं बल्कि पुरे धरती में सबसे शक्तिशाली और निपुण कंप्यूटर है जिसका नाम समिट है। आइये और जानकारी प्राप्त करते है :-
इस सुपरकंप्यूटर ने अब तक के सारे सुपरकंप्यूटर में सबसे अधिक और अच्छा प्रदर्शन किया है। यह सुपरकंप्यूटर्स धरती के 500 सुपरकंप्यूटर्स में पहले पायदान पर है। समिट का वैज्ञानिक नाम ओएलसीएफ-4(OLCF-4) है। इसका निर्माण आई बी एम(IBM) द्वारा किया गया और इसे जूूून 2018 में धरती का सबसे तेेेज़ सुपरकंप्यूटर घोषित किया गया था। यह ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी(OAK RIDGE NATIONAL LABORATORY) में किया जाता है/वही से इसे चलाया जाता है। यह अमेरिका में स्थित है।
यह 200पेटाफ्लॉप्स(200 PETAFLOPS) तक का निर्माण कर सकता है। इसका वर्तमान पेटाफ्लॉप्स लिनपैक बेंचमार्क(LINPACK BENCHMARK) द्वारा 122.3 मापा गया था। यह 250पेटाबाइट्स(250 PB) जितनी जगह(STORAGE) से लैस है। जो की एक मामूली कंप्यूटर से हजार गुना ज्यादा है।
इसे बनाने का खर्च 1400 हज़ार करोड़ रूपए आया था। समिट मे कुल मिलाकर 4608 सर्वर है और हर एक समिट सर्वर ऐरे(ARRAY) में दो IBM पॉवर9 सीपीयू के साथ बाइस(22) प्रोसेसिंग कोर्स(IBM POWER 9 CPU WITH 22 PROCESSING CORES) लगे हुये है।
इसमें 2 लाख से भी ज्यादा प्रोसेसिंग सीपीयू लगे हुए जो 10पेटाफ्लॉप्स(PETAFLOPS) से भी ज्यादा रैम(RAM) से जुड़े हुए है और हर एक सर्वर में छह एनवीडिया टेस्ला V100 GPU काम करते है।
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भारत की सबसे ऊँची इमारत दोस्तों आज का विषय काफी दिलचस्प होनेवाला है क्योंकि आज हम आपको भारत की सबसे ऊँची इमारत के बारे में बतानेवाले है। तो चलिए मित्रो ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए शुरू करते है आज का विषय:-
1) कोलकाता में स्थित भारत की सबसे ऊँची इमारत का नाम द 42(The 42) है और इसकी ऊँचाई लगभग 268मी/879 फुट है। और यह कोलकाता की भी सबसे ऊँची इमारत है।
2) इस इमारत में लगभग 62 फ्लोर(FLOORS) है और अपार्टमेंट्स(APARTMENTS) की संख्या पचास(50) है। 3) द 42(The 42) इमारत एक बहुत ही सुन्दर और हर सुविधा इस इमारत में है जो की इसे बहुत ही शानदार बनाते है। स्वीमिंग पूल(SWIMING POOL),सलून(SALOON), स्पा(SPA),सिनेमा(CINEMA),क्लब हॉउस(CLUB HOUSE) आदि की सुविधा दी गई है। यहाँ से आप 360 डिग्री(DEGREE, अंश) तक देखा जा सकता है। 4) इस इमारत के आर्किटेक्ट(ARCHITECT) हाफीज़ कांट्रेक्टर(CONTRACTOR) है और डेवलपर(DEVELOPER) मनी ग्रुप,सत्त्व ग्रुप,डायमंड ग्रुप,अल्कोव ग्रुप है।
5) द 42(The 42) का निर्माण कार्य 2008 में शुरू हुआ और 2017 में इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया। इस इमारत का निर्माण किसी कारण से दो साल देरी से हुआ। इससे पहले उर्बना 2 टावर(URBANA 2 TOWER) कोलकाता की सबसे ऊँची इमारत थी।
अधिक जानकारी(EXTRA INFORMATION) :- उर्बना ट्विस्टेड टावर(URBANA TWISTED TOWER) आनेवाले साले में सबसे ऊँची इमारत होगी जिसकी ऊँचाई 300मी/984 फुट होगी। लेकिन इसका निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट(PROJECT) को अभी अनुमति प्राप्त नहीं है।
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आप लोगो ने अपने जीवन में कभी कभी तो एक न एक फिल्म तो देखी होगी तो आपको यह जरूर पता होगा की भारत की सबसे पहली फिल्म कौन सी है। ज्यादा सोचिए मत अगर आपको भारत की पहली फिल्म कौन सी है नहीं पता तो आप इकलौते ऐसे नहीं हैं लगभग 70% लोगो को यह नहीं पता की भारत की सबसे पहली फिल्म कौन सी है। आज हम आपको बताएंगे की भारत की सबसे फिल्म कौन सी है और इसे किसने बनाया और कब बनाया। तो आइये जानते है :-
फ़िल्म 'राजा हरिश्चन्द्र' का पोस्टर
एवं विज्ञापन पत्र
भारतीय सिनेमा की सबसे पहली फिल्म 'राजा हरिश्चन्द्र' थी जो की 3 मई सन 1913 में बनाई गई थी। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक दादासाहेब फाल्के जी ने किया था और इसे इन्होंने ही लिखा था। यह कहानी रंछोड़बै उदयराम जी द्वारा दी गई है। इस फिल्म के अभिनेता/एक्टर डी.डी. दबके(दत्तात्रय दामोदर दबके/Dattatraya Damodar Dabke) और पी.जी. साने जी है। राजा हरिश्चन्द्र फिल्म मे आवाज नही थी यह साइलेंटफिल्म( silent movie) थी। इस फिल्म मे कुल दस हजार रूपये(10000) खर्च हुए थे इस फिल्म ने कुल सैंतालिस हजार(47000) हजार रूपये की कमाई की थी। यह फिल्म चालीस(40 minute) मिनटो की थी। इस फिल्म की सिनेमाग्राफी त्र्यम्बक बी. तेलंग (Trymbak B. Telang) ने की थी।
दत्तात्रय दामोदर दबके जी ने 1924 में इसे वापस बनाया इस बार इस में आवाज़ और इत्यादि बदलाव करके इसे सिनेमा मे उतारा गया।
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आप लोगों ने कभी ना कभी "आयाम" अथवा "डायमेंशन (dimension)" यह शब्द सुना होगा। तो आप के मन में यह सवाल उठता होगा की आयाम यह क्या और डायमेंशन (dimension) क्या है। यही जानने के लिए आप उत्सुक होंगे। हमने आज की पोस्ट में आयामो के बारे में बनाई है। तो चलिए आयामो के बारे में जानते है :-
आयाम के बारे मे
यह एक गणितीय(Mathmatical) और भौतिकीय(Physical) विज्ञान है। बात यह है की "डायमेंशन(dimension)" को ही हिंदी में "आयाम" कहते है। आप ने टीवी पर कार्टून(cartoon) देखे होंगे या आपने सिनेमाघरो में 3डी(3D) फिल्म तो देखी होगी। ठीक उसी तरह आयाम है। इस ब्रह्मांड(Universe) में कई सारे आयाम है लेकिन वैज्ञानिक अब तक बस दस आयामो को शोध पाएं है। इसके बाद वैज्ञानिक बस कल्पना कर रहे है की ब्रह्मांड में कुल कितने आयाम है। तो चलिए जानते है आयामो के बारे में :-
1D(1st Dimension, पहला आयाम)
पहला आयाम जानने में बहुत सरल है। पहले आयाम में न ही चौड़ाई और न ही गहराई है। उदाहरण के लिए आप एक बिंदु को दूसरे बिंदु को जोड़ दीजिये। अब इनके बीच की लंबाई को ही पहला आयाम कहते है। बिंदुओं को जोड़कर ही सृष्टि बनी है। पहले आयाम में कुछ नहीं होता है। इस आयाम मे आपको चौड़ाई और न ही गहराई देखने मिलेगी सिर्फ एक लंबाई देख सकते है।
2D(2nd Dimension, दूसरा आयाम)
जैसा की हमने बताया की बिंदु को जोड़कर हर वस्तु बनी है। ऐसे ही बिंदुओं को जोड़कर लंबाई और चौड़ाई बनी है। उदाहरण के लिए आप लोगो ने कार्टून(Cartoon) तो देखा ही होगा वैसे ही दूसरा आयाम है। दूसरे आयाम में लंबाई और चौड़ाई को जोड़कर कुछ भी बनाया जा सकता है जैसे की कोई चित्र,गोल,आयत,त्रिभुज या कोई कार्टून किरदार बस फर्क इतना है की दूसरे आयाम में लंबाई और चौड़ाई के उपयोग से कुछ भी बना सकते है उसमे गहराई नहीं होगी जैसे किसी कार्टून फिल्म में गहराई नहीं होती इसमें लंबाई और चौड़ाई का उपयोग कर गहराई बताई जाती है इसे आँखों का भ्रम भी कह सकते है। इसे आप कार्टून की दुनिया भी कह सकते है।
3D(3rd Dimension,तीसरा आयाम)
तीसरे आयाम में तीनो चीजे होती है लंबाई, चौड़ाई और गहराई। इसे सरल भाषा में समझने के आप अपने आस-पास देखिये जैसे कोई टीवी,टेबल,गाडी,विमान, आप के आस-पास मौजूद हर चीज में लंबाई,चौड़ाई और गहराई है जिसे आप महसूस कर सकते हो। तीसरे आयाम में आप हर चीज,हर वस्तु महसूस कर सकते हो लेकिन पहले और दूसरे आयाम में यह नहीं होता उसे बस देखा जा सकता है। हमारी दुनिया में कई सारे आयाम है।
अधिक जानकारी(Extra information) :- वैज्ञानिकों के अनुसार चौथा आयाम(4D) गति यानि की समय(Time) है। इसके आगे वैज्ञानिक दसवे आयाम तक होने की कल्पना कर रहे है और दावा कर रहे है की ब्रह्मांड में दस से अधिक आयाम हैं। वेदों में चौसठ(64) आयामो के बारे में कहा गया है अर्थात चौसठ(64) आयाम बताए और वर्णन किये गए है।( इनके बारे मे अभी कुछ नही कहा जा सकता क्योंकी यह आध्यात्म से जुडा हुआ आयाम है और कई लोगो का मानना है इन आयामो मे कई लोक भी है और भी आयामो को मिलाकर 64 आयाम है अथवा इनके बारे मे शोध और समझने की आवश्यकता है )
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वेबसाइट की स्पीड चेक करना है ! कैसे करे ?
दोस्तों हमारा आज का विषय इसी से संबंधित है। कई बार आप अपनी या किसी के भी वेबसाइट पर जाते है तो कभी न कभी आपके मन यह जिज्ञासा होती होगी की इस वेबसाइट की स्पीड कितनी है ? कौनसी श्रेणी(GRADE) मिली होगी ?
यह जानने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करना है।
तो चलिए जानते है इसके बारे में :-
1) सबसे पहले आप कोई भी ब्राउज़र(browser) को ओपन(open, खोल) लीजिये और उसे डेस्कटॉप मोड(DESKTOP MODE/SITE) पर कर दे।
2) ब्राउज़र के टॉप पर https://tools.pingdom.com इस लिंक(LINK) को लिख देना है बिना कोई गलती किये।
3) वेबसाइट को खोलते ही आप को कुछ इस प्रकार दिखाई देगा।
4) आपको www.example.com पर अपने या किसी दूसरे की वेबसाइट का नाम डालना है उसके बाद स्टार्ट टेस्ट(START TEST) पर क्लिक करना है। इसके बाद आप को उस वेबसाइट की सारी जानकारी मिल जाएगी।
उदा:- वेबसाइट कौन सी श्रेणी(GRADE) में है, वेबसाइट का आकार(SIZE) कितना है, वेबसाइट लोड(LOAD) होने में कितना समय लगता है इत्यादि।
हर माह बड़ी कमाई कैसे करे ? HOW TO EARN LOT OF MONEY IN A MONTH
दोस्तो आज हम आपको एक ऐसा कारगर तरीका बताएँगे जिसे अगर आप करेंगे तो आप को दो लाख रुपए(₹2,00,000) प्रति माह मिलेंगे और यह पूर्ण रूप से कानूनी(LEGAL) होगा । चलिए जानते है :-
1) सबसे पहले आपको वनएड(ONEAD) नाम की एप्लीकेशन(APPLICATION) डाउनलोड करनी है।
2) डाउनलोड करने के बाद इनस्टॉल(INSTALL) करे। फिर ऍप(APP) को ओपन(OPEN, चालू) करे और अपनी भाषा को चुन लीजिये और CONTINUE(आगे) का बटन दबाए।
3) चालू करने के बाद अपना मोबाइल नंबर डाले उसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी(OTP) आएगा उस ओटीपी(OTP)
को डाले और अपने अनुसार नया पासवर्ड(PASSWORD) डाले। मैं सहमत हु उस बटन पर क्लिक करे और सही का चिन्ह आने के बाद सबमिट करे बटन दबाये।
3) उसके बाद नया यूजर रजिस्ट्रेशन का पेज आएगा उसके नीचे आपको रेफेर कोड डालना है।
A F 8 5 C N 9
यह कोड आपको रेफेर कोड(REFER CODE) में डालना है। यह आपका रेफेर कोड होगा। ध्यान रहे रेफेर कोड नही डालने पर लेवल चालू नही हो पाएंगे इसलिए आपको सही कोड डालना है।
4) वन एड(ONE AD) की एप्लीकेशन नोटिफिकेशन(NOTIFICATION) को एक्सेस(ACCESS) कर दीजिये। इसके बाद आप वन एड(ONE AD) पर एक्टिव हो जायेंगे।
5) एक्टिव यूजर(ACTIVE USER) होने के बाद आप के अकाउंट(ACCOUNT) में ₹3 (तीन रुपए) मिलेंगे। आप स्पिन और अर्न का बटन दबाकर स्पिन कर सकते है और पैसे कमा सकते है। उन पैसो को आप बाद में रिडीम कर सकते है। पेटीएम(PAYTM) में भी भेज सकते है।
6) अब सबसे महत्वपूर्ण कार्य ये है की आपको अपना रेफेर कोड दुसरो को शेयर करना है और उन्हें वन एड(ONE AD) को डाउनलोड करने के लिए कहना है। जितने ज्यादा लोग आपसे जुड़ेंगे आपको उतना फायदा होगा और आपने जिसे डाउनलोड करवाया है उन्हें भी फायदा होगा। वन एड (ONE AD) में कुल दस स्तर(LEVEL) तय किये गए है। आपका स्तर(LEVEL) जैसे-जैसे बढेगा आपकी कमाई बढेगी। इसमें दसवाँ स्तर अंतिम स्तर है इस स्तर पर आपको ₹2,50,000(दो लाख पचास हजार रूपए) हर महीने मिलेंगे। यह एप्लीकेशन(APPLICATION) सिर्फ भारत में ही उपलब्ध है इसलिए इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाये।
अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए यह वीडियो प्ले करे।
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ये कॉन्टेन्स एड(CONTAINS AD) है क्या ?
मित्रो आप ने कभी न कभी प्लेस्टोर(PLAY STORE) से कोई ऐप(APP) डाउनलोड की होगी तब आपने शायद प्लेस्टोर पर इनस्टॉल(INSTALL) बटन के नीचे कॉन्टेन्स एड(CONTAINS AD) अथवा इन एप्प परचेस(IN APP PURCHASE) पढ़ा होगा ।मित्रों आज का हमारा विषय यह है की कॉन्टेन्स एड(CONTAINS AD) ,इन एप्प परचेस(IN APP PURCHASE) के बारे में जानना तो चलिए मित्रों जानते है :- 1) CONTAINS AD :- मित्रों CONTAINS AD का मतलब यह होता है की आप जिस एप्लिकेशन(APPLICATION) को डाउनलोड करते है उस एप्प में विज्ञापन(Ads) दिखाई जा सकती है या उस एप्प में विज्ञापन(Ads) आ सकती है। जब आप कोई एप्लीकेशन(APPLICATION) को चलाते है तब आप ने देखा होगा की एप्प चालू करने के बाद एक के बाद एक लगातार विज्ञापन(ADS) आते है। यह विज्ञापन अधिकतम तिसरे पक्ष(THIRD PARTY) के होते है। ऐसे एप्प चलाने से आपके मोबाइल में वायरस(VIRUS) आने की संभावना बढ़ जाती है। इसके बारे अधिक जानने के लिए एप्प के नीचे READ MORE पर क्लिक करे और सबसे नीचे जाए।
IN APP PURCHASE :- इसका मतलब यह है की आप जो एप्प डाउनलोड कर रहे हो उसमे आपको कुछ खरीदना पद सकता है या कुछ ऐसे फीचर्स होंगे जो आपको खरीदने पड़ सकते है। उदाहरण के लिए अगर आप अपने मोबाइल पर गेमिंग(GAMING) कर रहे है या आप रेसिंग(RACING) गेम खेल रहे है तो आपको कुछ कारे मुफ्त(FREE) की मिलेंगी और कुछ के लिए आपको पैसे देने होंगे। कुछ-कुछ गेम या ऍप में कॉइन(COIN, सिक्के) समाप्त हो जाने पर उन्हें खरीदना पड़ता है पैसो से। उदा:- दस रुपए में सौ कॉइन(सिक्के,COIN), एप्प डाउनलोड करते समय आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।